expressions

Meri bhavnavon ko mile pankh

27 Posts

33 comments

Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.
blogid : 14034 postid : 812601

अनोखे ये रिश्ते

Posted On: 5 Dec, 2014 कविता में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

बड़े अनोखे होते हैं ये रिश्ते।
कभी कोई कहानी कहते हैं रिश्ते।
कभी खुद ही एक कहानी बन जाते हैं रिश्ते।
कभी दिल में टीस बनकर उठते हैं रिश्ते।
कभी सुबह की पहली किरण बन फूटते हैं रिश्ते।
कभी शीशे की तरह दिल तोड़ते हैं रिश्ते।
कभी टूटे दिलों को जोड़ देते हैं रिश्ते।
कभी बहुत बड़ी उलझन बन जाते हैं रिश्ते।
कभी इन उलझनों को ही सुलझाते हैं रिश्ते।
कभी सुरीले शंख का नाद करते हैं रिश्ते।
कभी कोई दर्द भरा तान भी छेड़ते हैं रिश्ते।
कभी दुख तो कभी सुख देते हैं रिश्ते।
कभी पनपते तो कभी दम ही तोड़ देते हैं रिश्ते।
कभी जीवन देते तो कभी जीवन ही छीन लेते हैं रिश्ते।
कभी फूलों की बौछार करते हैं रिश्ते।
कभी राह में कांटे बन बिछते हैं रिश्ते।
कभी जीवन में रंग भरते हैं रिश्ते।
कभी जीवन से रंग ही छीन लेते हैं रिश्ते।
पल में बनते, पल में बिगड़ते हैं रिश्ते।
कभी टूटते कभी बिखरते हैं रिश्ते।
न जाने कब कौन सा मोड़ ले लें ये रिश्ते।
ईश्वर ही जाने इन अनोखे रिश्तों के किस्से।
हम इंसा नादान, रिश्तों के भंवर में रहते फंसते।
इन रिश्तों के बड़े हैं टेढे़-मेढ़े रस्ते।

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading ... Loading ...

3 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Madan Mohan saxena के द्वारा
December 5, 2014

बहुत अच्छे से समझाया रिश्तो की बारीकी को वाह . बहुत उम्दा,सुन्दर व् सार्थक प्रस्तुति कभी यहाँ भी पधारें

    Noopur के द्वारा
    December 28, 2014

    bahut bahut sukriya aap ka

    Noopur के द्वारा
    December 28, 2014

    bahut dhanyavad


topic of the week



latest from jagran